संसार- सृष्टि राठौर beautiful poetry on Muktika Publication

अर्ज किया है..
आप ने रचा है संसार को,
आप के बिना संसार कहा,
आपके चरणो की धुल भी सोना लगे,
आपसे मिलने के बाद अहंकार कहा,
अल्लाह, भगवान, जीसस अनेकों नाम है आपके,
आपका एक नाम कहां,
आप साथ रहते हो हमेशा मेरे,
और कोई मेरे साथ कहां,
हज़ारों शूरवीरों से परे,
कोई आपसे ज्यादा बलवान कहां,
आपके इशारे के बिना एक पत्ता तक नहीं हिलता,
तो चलेगा ये संसार कहां?
~ सृष्टि राठौर

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