सुकून की असली क़ीमत

“ईमानदारी की फर्द जोओढ़ते हैं,

वो रातों को चैन की नींद सोते हैं

छल कपट बेईमानी से जो खरीदते हैं बिस्तर,

सुकून भरे पल फिर कहां उनको नसीब होते हैं।”

#सुकून की असली कीमत#

ईमान की राहों पर चलना, जीवन का सच्चा श्रृंगार है।

जिसके मन में सच बसता हो, ईश्वर उसके साथ है।

झूठ के महलों की चमक भलेहो,पल में सब ढ़ह जाता है।

सच्चाई की छोटी सी कुटिया, सदियों तक जगमगाती है।

ईमान की राहों पर चलना जीवन का सच्चा श्रृंगार है।

जिसके मन में सच बसता हो उसका हर पल ही त्यौहार है।

धन दौलत सब यहीं रह जाना, साथ न जाए कोई खजाना है।

अच्छे कर्मों की पूंजी ही,बस जीवन का नजराना है।

जिसने आंसू पोछे सबके,वही अमीर बन जाता है।

दुआओं की दौलत लेकर, वापस घर लौट जाता है।

छल की छाया क्षणिक ठहरती, सच सूरज बन जाता है।

जो अपने ईमान ना बेचे,वही अमर हो जाता है।

सच की खुशबू महके जग में, यही हमारी पहचान रहे।

ईमान की चादर ओढ़े मन,हर जन्म यही सम्मान रहे।

स्वरचित ✍🏼

स्वीटी श्रीवास्तव

वाराणसी, उत्तरप्रदेश

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