# शीर्षक दिल
श्वेत चांदनी सा दिल है उसका
चले हंसों जैसी मतवाली चाल
झील सी नीली आंखें जिसकी
दिल है यारों तरबूज जैसा लाल
रसगुल्ले से गाल हैं जिसके
काजू कतली जैसे पतले होठ है लाल
कद्दू जैसा पेट है जिसका
दिल पे मीठा मीठा प्यार करें धमाल
स्वप्न सुंदरी सी नाक हे जिसकी
झूमे नथनिया, करे दिल हलाल
बलखाती पतली कमरिया है जिसकी
बजे जब पायल की झंकार दिल हुआ बेहाल
ऐसा सोना रूप है जिसका
दिल जिसका रखता, ख्वाबों खयाल
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नाम शिवा सिहल आबुरोऋड राजस्थान।





