दुनिया में फसाना
न उड़ो आसमान में इतना कि ख़ुदा लगने लगो,
ज़मीन से रिश्ता रखो, तब ही बड़े लगने लगो,,
हर बुलंदी का सफ़र एक दिन उतरता भी है,
वक़्त बदले तो सबकी नज़रों में छोटे लगने लगो,,
ताज, शोहरत, दौलतें सब यहीं रह जाएंगी,
दिल जीत लो, तभी लोगों को अपने लगने लगो,,
फूल बनकर महकना है तो झुकना सीख लो,
खुशबुओं की तरह हर दिल में बसने लगो,,
गुरूर की धूप पल भर में जला देती है,
सादगी ओढ़ लो, चांद से उजले लगने लगो,,
यारा यही दुनिया का फ़साना है हमेशा
इंसान रहो, तभी सच में बड़े लगने लगो,,
𝒢𝓊𝓃𝒿𝒶𝓃 𝒿ℴ𝒽𝓇𝒾
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Agar Gunjan Johri ki is rachna ne aapke hriday ko chhua ho, toh unki kalam aur sahityik prayas ko aage badhane hetu ek chhota sa sneha-sammaan bhent karein:








