विज्ञान श्री माया
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में काई सुनावा थाने विज्ञान रा नफा ने नुकसान ,
मैं तो ठहरियो गाम रा अल्लहड किसान ,
मैं बोला गाम री जुबानी ईशान रे भाया,
या चार्ली जब से मोबाइल की लहरा
अपना री होगी अपनों से दूरियां
खाई जबसु गैसरा चूल्हा की रोटियां ,
देखो भायों पेट किसा मटका जैसा वदगिया,
ने अबे चालवा रा रोबा पड़वा लागया,
जबसे वाशिंग मशीना में कपड़ा धोंवा लगाया,
हाथ पैर का दर्दा ने रोवा लागया,
पढ़ी पढ़ी ने मोबाइल में रेसिपी या ने आज खानो बनावा लागाया ,
तो देखो ये एसिडिटी हाहाकार मचावा ला गया,
जब से रेडीमेठ यो आटो खावा लगाया,
वे बीमारियां ने बुलावा ला गया,
दुनिया पैदल चाले कोनी गाड़ियां में घूमर लागी
देखो गोड़ा वाका अबार सुही टूटन लाग्या
लोग विज्ञान के चमत्कार में बेन्डा होवा लाग्या,
फेर वे आपनी किस्मत पे रोवा लाग्या,,
में मानू हूं विज्ञान में चमत्कार घणो होवा लाग्या,
अबे हवा में देखो मिंशायला छोड़न लागया,
साग सब्जी रो स्वाद भुलायो देखो फला ने सब्जियां ने इंजेक्शन से पकावा लागया
लोग भूलिया पुरानी रीति रिवाज न विज्ञान ने अपनावा लागया,
वाह रे कसो जमानों विज्ञान रो आयो ,
मनख पिसा री लालच में और और करता कदी चैन की सांस न खाई ,।
काई खोयों ने काई पायो रो हिसाबी कोनी लग्यो भाई ,
अबे काई सुनाऊं थारे विज्ञान की कहानी,
मैं मूरख अतरी ही जानू थारा विज्ञान री कहानी,
में सगला ने राम राम करूं बखानी 🙏
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✍️ शिवा सिंहल आबू रोड ✍️








